
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित खान-पान और दिनचर्या कई बीमारियों को न्योता दे रही है। लेकिन योग की एक सरल क्रिया ‘फ्लावर क्लैप’ या पुष्प ताली इन समस्याओं से छुटकारा दिला सकती है। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के विशेषज्ञों के मुताबिक, यह अभ्यास बच्चों से बुजुर्गों तक सभी के लिए रामबाण है।
यह क्लैपिंग थेरेपी का हिस्सा है, जिसमें हथेलियों के 340 से ज्यादा एक्यूप्रेशर बिंदु सक्रिय हो जाते हैं। ये बिंदु किडनी, फेफड़े, हृदय जैसे महत्वपूर्ण अंगों से जुड़े होते हैं। बिना किसी उपकरण के यह अभ्यास घर-ऑफिस या पार्क में आसानी से किया जा सकता है।
अभ्यास की विधि सहज है। सीधे खड़े हों या बैठें। दोनों हाथ छाती के सामने लाएं, उंगलियां फूल की पंखुड़ियों की तरह फैलाएं। हथेलियां हल्के गोलाकार बनाकर जोरदार ताली बजाएं। हाथों को ऊपर उठाते हुए और नीचे लाते हुए फूल खिलने और बारिश की बूंदों का अहसास करें। ताली की ध्वनि तेज और लयबद्ध रखें। रोज 5-10 मिनट करें, सुबह खाली पेट ताजी हवा में। सरसों या नारियल तेल लगाने से लाभ दोगुना हो जाता है।
इससे रक्त संचार बेहतर होता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। पाचन, फेफड़े, कमर दर्द में राहत मिलती है। मानसिक तनाव, चिंता दूर होती है, खुशी के हार्मोन बढ़ते हैं। बच्चों का एकाग्रता और मोटर स्किल्स मजबूत होते हैं, जबकि बड़ों में जोड़ों की अकड़न मिटती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
फ्लावर क्लैप को अपनी दिनचर्या में अपनाएं और स्वस्थ जीवन की शुरुआत करें। यह साबित करता है कि छोटी सी आदत बड़े बदलाव ला सकती है।