
नई दिल्ली। कांग्रेस ने मंगलवार को एक विस्तृत रिपोर्ट जारी कर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर जोरदार प्रहार किया। ‘रियल स्टेट ऑफ द इकोनॉमी 2026’ नामक इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश में बेरोजगारी रहित विकास हो रहा है, जहां आर्थिक प्रगति के बावजूद नौकरियां नहीं बन रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 2017-18 से 2023-24 के दौरान विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार हिस्सा 12.1 प्रतिशत से गिरकर 11.4 प्रतिशत रह गया। सेवा क्षेत्र में भी यह 31.1 से घटकर 29.7 प्रतिशत हो गया, जबकि कृषि में 44.1 से बढ़कर 46.1 प्रतिशत हो गया। यह कृषि की ओर लौटने का संकेत देता है, जो कम उत्पादकता वाले क्षेत्र में मजबूरन धकेल दिया जाना दर्शाता है।
नए रोजगार ज्यादातर असंगठित और गिग इकोनॉमी में सिमट गए हैं। 40 प्रतिशत वेतनभोगी कर्मचारियों के पास कोई अनुबंध, छुट्टी या सामाजिक सुरक्षा नहीं है, जो श्रमिकों की असुरक्षा को उजागर करता है।
आधिकारिक आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए रिपोर्ट में आईएमएफ द्वारा भारत को ‘सी’ ग्रेड दिए जाने का हवाला दिया गया है। अगर मुद्रास्फीति 0.5 प्रतिशत है, तो परिवारों का जीवनयापन खर्च क्यों बढ़ रहा है? घरेलू बचत क्यों शून्य हो गई और कर्ज क्यों चढ़ रहा है?
रुपया 2025 में एशिया की सबसे कमजोर मुद्रा बना, 2026 में गिरावट जारी। 10 महीनों में चार में शुद्ध एफडीआई नकारात्मक रहा। कांग्रेस अनुसंधान विभाग के अध्यक्ष राजीव गौड़ा ने कहा कि यह रिपोर्ट सरकार की प्राथमिकताओं को बेनकाब करती है, जहां असमानता बढ़ रही है, कंपनियों का लाभ उछल रहा है, लेकिन सार्थक रोजगार नहीं। यह नीतिगत बदलाव की मांग करता है।