
रांची। झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने राज्य में नगर निकाय चुनावों को बैलेट पेपर से कराने के फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह कदम सत्ताधारी दल द्वारा चुनावी प्रक्रिया में हेराफेरी की साजिश का हिस्सा है।
लंबे समय से भाजपा के आंदोलनों और अदालती हस्तक्षेप के बाद राज्य सरकार ने 48 नगर निकायों में दो वर्ष पुराने लंबित चुनावों की घोषणा की है। लेकिन ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर चुनना सरकार की नियत पर सवाल उठाता है, साहू ने कहा।
भाजपा की मांग थी कि 2018 की तर्ज पर दलीय प्रतीक चिन्हों के साथ ईवीएम से मतदान हो, मगर हेमंत सोरेन सरकार ने इसे ठुकरा दिया। साहू ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी गठबंधन को जनाधार कमजोर होने का डर सता रहा है।
गृहप्रबंधन की असफलताओं और पुलिस के दुरुपयोग से अपराधी संरक्षित हो रहे हैं। ऐसे में निकाय चुनावों में भी प्रशासनिक हथकंडों से पसंदीदा उम्मीदवारों को जिताने की कोशिश हो सकती है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त से अपील की कि प्रक्रिया को निष्पक्ष रखें। भाजपा किसी भी गड़बड़ी पर नजर रखेगी और पुलिस को सरकार का औजार बनाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, साहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा। यह विवाद झारखंड की राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है।