
भारत सरकार के मत्स्य विभाग ने अंडमान-निकोबार के मायाबंदर में स्मार्ट और एकीकृत फिशिंग हार्बर विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दे दी है। 199.24 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पूरी तरह केंद्र प्रायोजित है।
ब्लू पोर्ट्स पहल के अनुरूप यह हार्बर आधुनिक तकनीक और आईओटी सिस्टम से लैस होगा, जिसमें सुरक्षित लैंडिंग, बर्थिंग सुविधाएं, सतत प्रबंधन, बढ़ी हुई हैंडलिंग क्षमता, सुरक्षा मानक, ऊर्जा दक्षता और डिजिटल ट्रैकिंग शामिल हैं। इससे अवैध मछली पकड़ने पर अंकुश लगेगा।
430 जहाजों के लिए डॉकिंग और सालाना 9,900 टन मछली लैंडिंग की क्षमता से रोजगार बढ़ेगा, आय दोगुनी होगी और आजीविका मजबूत बनेगी। यह एसडीजी लक्ष्यों को गति देगा।
अंडमान का 6 लाख वर्ग किमी ईईजेड टूना जैसी मछलियों का खजाना है—60,000 मीट्रिक टन का भंडार, जिसमें 24,000 एमटी येलोफिन और 2,000 एमटी स्किपजैक प्रमुख हैं।
देशव्यापी मत्स्य उत्पादन 2013-14 के 96 लाख टन से 2024-25 में 197.75 लाख टन हो गया। निर्यात मूल्य 62,408 करोड़ रुपये तक पहुंचा, 350+ उत्पाद 130 देशों में। यह हार्बर क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।