
ढाका में 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनावों से पहले बांग्लादेश में महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले चिंता का विषय बन गए हैं। महिला अधिकार संगठनों ने संसद में महिलाओं के प्रभावी प्रतिनिधित्व की मांग को फिर से उठाया है। सामाजिक प्रतिरोध समिति के तहत 71 संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक प्रेस वार्ता में आरक्षित सीटें बढ़ाने और दलों द्वारा अधिक महिला प्रत्याशी उतारने की अपील की। बांग्लादेश महिला परिषद की अध्यक्षा फौजिया मोसलेम ने कहा कि 1981 उम्मीदवारों में केवल 81 महिलाएं हैं, जो मात्र 4.08% है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए निराशाजनक बताया। कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग से सुरक्षा की मांग की है ताकि हर नागरिक बिना किसी डर के मतदान कर सके। उनका कहना है कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया से बाहर रखना देश के भविष्य के लिए घातक साबित हो सकता है।