
बिहार का सुल्तानगंज-अगुवानी गंगा पुल लंबे समय से चर्चा का केंद्र बना हुआ है। 11 साल पहले शुरू हुए इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट ने 12 से अधिक डेडलाइन पार कर लीं, लेकिन अभी भी पूरा नहीं हो सका। 2022 से 2024 के बीच तीन बार सुपरस्ट्रक्चर के ध्वस्त होने से निर्माण पर सवाल खड़े हो गए।
आईआईटी रुड़की की विशेषज्ञ टीम ने तकनीकी कमियों की जांच की और डिजाइन में बदलाव की सिफारिश की। अब कंपोजिट स्टील बीम और कंक्रीट डेक वाले केबल-स्टे डिजाइन को मंजूरी मिल चुकी है, जो पहले से कहीं मजबूत होगा। एसपी सिंगला कंपनी द्वारा 1750 करोड़ की लागत से बन रहा यह 3.5 किमी लंबा पुल उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ेगा।
20 किमी पहुंच पथ लगभग तैयार हैं, लेकिन गंगा पर 1 किमी हिस्सा बाकी है। अप्रैल 2022 में पिलर 4-6 के बीच तेज हवा से गिरा, जून 2023 में पिलर 10-13 का हिस्सा और अगस्त 2024 में पिलर 9 धराशायी हुआ।
सरकार 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। भागलपुर-खगड़िया के बीच यह फोरलेन पुल यात्रा को आसान बनाएगा। क्या अब यह सपना साकार होगा या इंतजार और लंबा होगा?