
भारतीय मनोरंजन जगत में श्रुति हासन का नाम बहुमुखी प्रतिभा का प्रतीक है। 28 जनवरी को जन्मदिन मना रहीं श्रुति, कमल हासन और सारिका ठाकुर की बेटी होने के बावजूद अपनी मेहनत और टैलेंट से अलग मुकाम हासिल कर चुकी हैं। अभिनेत्री, गायिका और संगीतकार के रूप में उनका सफर प्रेरणादायक है।
चेन्नई के एबाकस मोंटेसरी से स्कूली शिक्षा, मुंबई के सेंट एंड्रयूज कॉलेज से साइकोलॉजी और कैलिफोर्निया के म्यूजिशियंस इंस्टीट्यूट से संगीत प्रशिक्षण—श्रुति ने हर कदम पर खुद को निखारा। बचपन से संगीत और सिनेमा ने उन्हें आकर्षित किया।
छह साल की उम्र में पिता की फिल्म ‘थेवर मगन’ (1992) में इलैयाराजा का संगीत गाया। ‘चाची 420’ (1997) में गीत और ‘हे राम’ (2000) में बाल कलाकार व टाइटल थीम गाकर उन्होंने जल्दी ही पहचान बनाई।
अभिनय में ‘लक’ (2009) से शुरुआत, लेकिन तेलुगु की ‘अनागनगा ओ धीरुडु’ (2011) ने फिल्मफेयर बेस्ट डेब्यू दिलाया। ‘रेस गुर्रम’ (2014) के लिए बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड। तीन फिल्मफेयर समेत कई सम्मान उनके नाम हैं।
हिंदी में ‘डी-डे’, ‘रामैया वस्तावैया’, ‘गब्बर इज बैक’ जैसी फिल्में। संगीत में ‘उन्नैपोल ओरुवन’ (2009) से म्यूजिक डायरेक्टर डेब्यू, अपना बैंड और ओरिजिनल गाने।
श्रुति का करियर साबित करता है कि असली सफलता टैलेंट से मिलती है। उनका यह सफर अभी और लंबा चलेगा।