
भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत को विश्व की अग्रणी शक्तियों में शुमार बताते हुए इसकी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऊंची साख की सराहना की।
पुतिन ने अपने संदेश में भारत की सामाजिक-आर्थिक प्रगति, विज्ञान व प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में हासिल उपलब्धियों का जिक्र किया, जो वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं। उन्होंने कहा कि भारत पूर्णतः प्रमुख शक्तियों की श्रेणी में स्थान रखता है और विश्व पटल पर सम्मान प्राप्त कर चुका है।
उन्होंने दिसंबर 2025 की भारत यात्रा के दौरान हुई उपयोगी बातचीत का उल्लेख किया, जिसने मॉस्को-नई दिल्ली के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी की मजबूती को प्रमाणित किया।
पुतिन ने भरोसा जताया कि साझा प्रयासों से सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और सशक्त किया जाएगा। साथ ही क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ेगा, जो दोनों देशों के लोगों के हित में है और बहुदलीय विश्व व्यवस्था के निर्माण में योगदान देगा।
संदेश के अंत में उन्होंने सभी भारतीयों के लिए स्वास्थ्य, समृद्धि, सफलता व खुशहाली की कामना की।
इससे पूर्व 5 दिसंबर 2025 को हैदराबाद हाउस में मोदी-पुतिन मुलाकात में दोनों ने रक्षा, व्यापार व अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। संयुक्त बयान में मोदी ने कहा कि भारत-रूस संबंध कालखंड की परीक्षा में सफल सिद्ध हुए हैं। उन्होंने पुतिन की मित्रता व प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद दिया।
मोदी ने 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में पुतिन का स्वागत करते हुए कहा कि 25 वर्ष पूर्व उन्होंने रणनीतिक साझेदारी की नींव रखी, जो 2010 में विशेष दर्जा प्राप्त हुई। पिछले डेढ़ दशक से उनका नेतृत्व इसे पल्लवित कर रहा है।