
सरायकेला। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और आदिवासी नेता शिबू सोरेन को पद्म भूषण सम्मान मिलने पर राज्य में उत्साह छा गया है। लेकिन उनकी बहन सुखी टुडू ने साफ कहा कि भाई का योगदान इतना विशाल है कि उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए।
मीडिया से बातचीत में सुखी ने सरकार के फैसले का स्वागत किया, लेकिन जोर देकर कहा कि शिबू का जीवन झारखंड और आदिवासियों के लिए समर्पित रहा। ‘पद्म भूषण पर गर्व है, पर भारत रत्न उनके असली हक का सम्मान होगा।’
उन्होंने बताया कि बचपन से शिबू जंगलों में भटकते, लोगों को एकजुट करते, महाजनी और जमींदारी के शोषण के खिलाफ लड़ते देखा। वे आदिवासी पहचान, जल-जंगल-जमीन और न्याय के प्रतीक बने।
झारखंड के लोग वर्षों से दिशोम गुरु को भारत रत्न की मांग कर रहे हैं। परिवार में मां सामाजिक कार्यों में सक्रिय थीं, लेकिन शिबू ने सबसे ज्यादा त्याग किया।
यह सम्मान उनके संघर्ष को फिर सुर्खियों में लाया है। समर्थक भारत रत्न की पुकार तेज कर रहे हैं, जो आदिवासी आंदोलन की जीत होगी। शिबू का जीवन प्रेरणा स्रोत बनेगा।