
चंडीगढ़। सतलुज-यमुना लिंक नहर विवाद में पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों की मंगलवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। पंजाब के सीएम भगवंत मान और हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने पानी के इस जटिल मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से मीडिया से रूबरू होते हुए वार्ता को सकारात्मक बताया। भगवंत मान ने कहा कि यह विवाद वर्षों से लंबित है। गुरुओं की शिक्षाओं का हवाला देते हुए उन्होंने जोर दिया, ‘हम भाई कन्हैया के वंशज हैं, जिन्होंने शत्रुओं को भी जल पिलाया। हरियाणा हमारा शत्रु नहीं, अपना भाई है।’
मान ने जल संकट को वैश्विक समस्या बताते हुए कहा कि भविष्य में जल प्रबंधन चुनौती बनेगा। एसवाईएल इसी का हिस्सा है, इसलिए समझदारी से समाधान जरूरी। दोनों पक्षों ने अपने तर्क रखे। मान ने हल्के लहजे में कहा कि सैनी से हर मुलाकात इसी विषय पर केंद्रित हो जाती है।
बैठक में फैसला हुआ कि अधिकारी स्तर पर बैठकें मासिक तीन-चार बार होंगी। सुप्रीम कोर्ट की तारीखों का इंतजार नहीं। केंद्र और अदालत दोनों ने राज्यों से सीधी बातचीत की सलाह दी है। अधिकारी खुलकर चर्चा करेंगे, रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्रियों को सौंपेंगे। जरूरत पड़े तो फोन पर भी बात होगी।
मान ने कहा कि पूर्वज विवादों को इसी तरह सुलझाते थे। नई सरकारें भी यही अपनाएं। किसी का हक न छीना जाए। 1966 में बने भाई अब जल बंटवारे से देशहित साधें।
सैनी ने गुरु नानक देव की वाणी ‘पवन गुरु, पानी पिता’ का उल्लेख कर प्रकृति पूजा पर बल दिया। सकारात्मक माहौल में वार्ता अच्छे परिणाम देगी। सुप्रीम कोर्ट निर्देशानुसार अधिकारी बैठकें नियमित होंगी। इससे पहले केंद्रीय मंत्री की अगुवाई में भी सकारात्मक चर्चा हुई थी। समाधान की उम्मीद जगी है।