
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा की, जिसमें पश्चिम बंगाल के मशहूर अभिनेता प्रसेनजीत चटर्जी का नाम कला क्षेत्र में पद्मश्री के लिए चमका। इस सम्मान ने पूरे बंगाल में उत्साह की लहर दौड़ा दी है।
पुरस्कार मिलने पर प्रसेनजीत ने गहरी प्रसन्नता जताते हुए कहा कि भारत सरकार का हृदय से आभार। उन्होंने अपने 40 वर्षों के फिल्मी सफर को याद करते हुए बताया कि यह पुरस्कार उनके सभी सहयोगियों और प्यार बरसाने वाले दर्शकों के लिए है। ‘मुझे इसकी बिल्कुल भनक नहीं थी। नई फिल्म की रिलीज के चक्कर में बाहर था, जहां खबर मिली तो आंखें नम हो गईं,’ उन्होंने साझा किया।
राष्ट्रपति भवन में यह पुरस्कार पाने का विचार उन्हें रोमांचित कर रहा है। प्रसेनजीत ने बंगाली सिनेमा की ताकत पर जोर दिया। ‘लोग सोचते हैं बंगाली फिल्में अलग हैं, लेकिन हर क्षेत्र का अपना अंदाज है। अंततः हम सब भारतीय सिनेमा का हिस्सा हैं। विश्व पटल पर बंगाली फिल्मों की धाक बनी रहनी चाहिए।’
मराठी, पंजाबी या अन्य क्षेत्रीय सिनेमाओं की तरह बंगाली फिल्म संस्कृति को संरक्षित रखना जरूरी है, यही उनका संदेश। पद्मश्री जैसे सम्मान हर साल गणतंत्र दिवस पर घोषित होते हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान को पहचानते हैं। प्रसेनजीत का चयन बंगाली इंडस्ट्री के लिए मील का पत्थर साबित होगा।