
चंडीगढ़। पंजाब सरकार की सड़क सुरक्षा बल (एसएसएफ) ने राज्य में सड़क सुरक्षा के मानकों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। पिछले साल फरवरी में गठित इस बल ने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को 48 प्रतिशत तक कम कर दिया है। त्वरित इमरजेंसी प्रतिक्रिया, मौके पर प्राथमिक उपचार और उन्नत ट्रॉमा सेंटरों तक शीघ्र पहुंच ने जानों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कभी सड़क हादसों में मौतों के मामले में शीर्ष तीन राज्यों में शामिल पंजाब ने अब अपनी छवि बदल ली है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को इस उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एसएसएफ ने पटियाला-सिरहिंद जैसे ब्लैक स्पॉट्स को सुरक्षित बनाया और 43,000 किलोमीटर उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों के निर्माण में योगदान दिया।
इस मॉडल की सफलता ने अन्य राज्यों का ध्यान खींचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में इसे राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने योग्य बताया। कई राज्य अब पंजाब से इस पहल को लागू करने की जानकारी ले रहे हैं।
4,200 किलोमीटर दुर्घटना प्रभावित राजमार्गों पर तैनात एसएसएफ टीमें गश्त करती हैं, यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करती हैं और पीड़ितों का सामान सुरक्षित लौटाती हैं। पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा के विपरीत, यह पहल जनहित में मील का पत्थर साबित हो रही है। पंजाब का यह प्रयास पूरे देश के लिए प्रेरणा बनेगा।