
बीजिंग के कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 25 जनवरी की सुबह फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो का आगमन हुआ, जिससे उनकी चार दिवसीय चीन यात्रा का आगाज हो गया। यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का वादा लिए हुए है।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ओर्पो से मुलाकात करेंगे, जबकि प्रधानमंत्री ली छ्यांग और राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की स्थायी समिति के अध्यक्ष चाओ लेची अलग-अलग बैठकों में विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। इन चर्चाओं में चीन-फिनलैंड संबंधों के साथ वैश्विक मुद्दों पर गहन बातचीत होगी।
फिनलैंड ने पश्चिमी देशों में सबसे पहले चीन गणराज्य को मान्यता दी और राजनयिक संबंध कायम किए। यह अंतर-सरकारी व्यापार समझौते पर दस्तखत करने वाला भी पहला पश्चिमी राष्ट्र था, जिसने आर्थिक साझेदारी की मजबूत नींव रखी।
हाल के वर्षों में दोनों नेताओं के नेतृत्व में नई साझेदारी ने गति पकड़ी है। 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 8 अरब डॉलर को पार कर गया, जबकि निवेश 23 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है। कंपनियां पारस्परिक लाभ के लिए सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं।
यह यात्रा वैश्विक परिवर्तनों के बीच फिनलैंड की रणनीतिक सोच को दर्शाती है। स्वच्छ प्रौद्योगिकी, शिक्षा और नवाचार में फिनलैंड की ताकत चीन के विशाल बाजार से मेल खा रही है। हरित ऊर्जा और डिजिटल क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।
यात्रा के अंत में महत्वपूर्ण समझौते और घोषणाएं अपेक्षित हैं, जो दोनों देशों के लिए समृद्धि का नया दौर ला सकती हैं।