
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कारों की भव्य घोषणा की। इस वर्ष 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री सम्मानितों के नाम जारी किए गए। ये पुरस्कार कला, चिकित्सा, खेल, सार्वजनिक कार्य等领域 में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिए जाते हैं, जो देश भर से चयनित हैं।
पद्म विभूषण प्राप्तकर्ता: धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत, कला-महाराष्ट्र), केटी थॉमस (सार्वजनिक मामले-केरल), एन राजम (कला-उत्तर प्रदेश), पी नारायणन (साहित्य-शिक्षा-केरल), वीएस अच्युतानंदन (मरणोपरांत, सार्वजनिक मामले-केरल)। इन हस्तियों ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पद्म भूषण सूची में अलका याग्निक (कला-महाराष्ट्र), भगत सिंह कोश्यारी (सार्वजनिक मामले-उत्तराखंड), कल्लीपट्टी रामासामी पलानीस्वामी (चिकित्सा-तमिलनाडु), ममूटी (कला-केरल), नोरी दत्तात्रेयुडु (चिकित्सा-यूएसए), पीयूष पांडे (मरणोपरांत, कला-महाराष्ट्र), एसके एम मैइलानंदन (सामाजिक कार्य-तमिलनाडु), शतावधानी आर गणेश (कला-कर्नाटक), शिबू सोरेन (मरणोपरांत, सार्वजनिक मामले-झारखंड), उदय कोटक (व्यापार-महाराष्ट्र), वीके मल्होत्रा (मरणोपरांत, दिल्ली), वेल्लापल्ली नटेसन (केरल), विजय अमृतराज (खेल-यूएसए) शामिल हैं।
पद्म श्री के 113 नामचीन व्यक्तियों में एई मुथुनायगम (विज्ञान-केरल), अनिल कुमार रस्तोगी (कला-उत्तर प्रदेश), अंक गौड़ा (सामाजिक कार्य-कर्नाटक), अरमिडा फर्नांडेज (चिकित्सा-महाराष्ट्र) प्रमुख। कला क्षेत्र से भिकल्या लाडक्य धिंडा (महाराष्ट्र), जुड़वां गायत्री-रणजनी बालासुब्रमणियन (तमिलनाडु), खेल से बलदेव सिंह (पंजाब), हरमनप्रीत कौर भुल्लर (पंजाब), सविता पुनिया (हरियाणा)। विदेशी सम्मानितों में प्रो. लार्स-क्रिश्चियन कोच (जर्मनी-कला), लियुदमिला खोखलोवा (रूस-साहित्य)।
क्षेत्रीय विविधता उजागर करती सूची में असम से जोगेश देउरी (कृषि), मेघालय से हैली वार (सामाजिक कार्य), नागालैंड से संयुसांग पोंगेनेर (कला), अरुणाचल से टेची गुबिन (सामाजिक कार्य) शामिल। मरणोपरांत सम्मान हरि माधव मुखर्जी (पश्चिम बंगाल-कला), सतीश शाह (महाराष्ट्र-कला) को।
ये पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में प्रदान किए जाएंगे, जो अमृत काल में योगदान की प्रेरणा देंगे।