
बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिराने के पीछे अमेरिका का हाथ था या नहीं, इस सवाल ने नया मोड़ ले लिया है। एक अमेरिकी राजनयिक की लीक हुई रिकॉर्डिंग ने राजनीतिक हलकों में भूचाल ला दिया है। अवामी लीग के नेता इसे विदेशी साजिश का पुख्ता सबूत बता रहे हैं।
पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने एक कार्यक्रम में कहा कि यह ऑडियो हमारी पुरानी धारणा को सही ठहराता है। इसमें सीनियर अमेरिकी डिप्लोमैट इस्लामी ताकतों से जुड़ाव और हसीना के बाद बांग्लादेश की दिशा पर बात करते सुनाई देते हैं। स्ट्रैटन्यूज ग्लोबल की रिपोर्ट ने इसे प्रमुखता दी है।
5 अगस्त 2024 को भारी हिंसा के बीच हसीना को देश छोड़कर भारत आना पड़ा। दिल्ली में रहते हुए वे वर्तमान स्थिति पर नजर रख रही हैं। चौधरी ने यूनुस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अवामी लीग को चुनाव से दूर रखना लाखों वोटरों का अपमान है। इससे बिना जनादेश वाली सरकार बनेगी।
नेपाल में सरकार गिरना हो या फ्रांस में असफल कोशिशें, हर जगह अमेरिका का नाम जोर-शोर से लिया जाता रहा। हालांकि ठोस प्रमाण नहीं हैं, लेकिन यह लीक वॉशिंगटन को निशाने पर ला रही है। अवामी लीग नेताओं ने अमेरिका की भूमिका की जांच की मांग तेज कर दी है।
यह मामला दक्षिण एशिया की राजनीति में विदेशी हस्तक्षेप के खतरे को रेखांकित करता है। क्या यह महज संयोग है या सुनियोजित षड्यंत्र, समय इसका जवाब देगा। फिलहाल बांग्लादेश का राजनीतिक परिदृश्य और उथल-पुथल भरा होता जा रहा है।