
मुंबई में ‘मायासभा’ फिल्म की रिलीज का इंतजार तेज हो गया है। दिग्गज अभिनेता जावेद जाफरी ने खुलासा किया कि उन्होंने इस प्रोजेक्ट के दौरान अपने सारे अन्य काम ठप कर दिए थे। उनका मानना है कि किसी नए किरदार को निभाने के लिए एक्टर को सिर्फ उसी पर समर्पित होना चाहिए।
जावेद ने बताया कि एक्टर का दायरा सीमित होता है। लेखक की सालों की मेहनत को एक दिन में बदलना या निर्देशक के विजन पर सवाल ठोकना गलत है। वे पूछते हैं कि यह सीन क्यों, वह क्यों नहीं, और जब तर्क समझ आ जाता है तो सब ठीक हो जाता है।
सेट पर अहंकार की कोई जगह नहीं। निर्देशक किरदार को जीते हैं, इसलिए उनकी बात मानना जरूरी। नए आइडिया सुझा सकते हैं, लेकिन अगर निर्देशक कहें कि इससे किरदार बिगड़ जाएगा तो मान लेना चाहिए।
‘मायासभा’ 30 जनवरी को रिलीज हो रही है। कॉमेडी से लेकर गंभीर भूमिकाओं तक का सफर तय कर चुके जावेद इस बार नए अंदाज में दिखेंगे। उनकी यह पूरी डेडिकेशन वाली स्टाइल एक्टिंग की मिसाल है।
रिलीज से पहले उनके विचार युवा कलाकारों को प्रेरित करेंगे। फोकस और सम्मान से ही सिनेमा मजबूत बनता है।