
नई दिल्ली में रविवार को एक अहम कूटनीतिक मुलाकात हुई जब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से भेंट की। इसमें प्रतिनिधि माइक रोजर्स, एडम स्मिथ, जिमी पैट्रोनिस और भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी शामिल हुए।
चर्चा का केंद्र भारत-अमेरिका संबंधों को और सशक्त बनाना, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की प्रगति तथा यूक्रेन संकट रहा। जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि यह उपयोगी संवाद था जिसमें द्विपक्षीय रिश्ते, क्षेत्रीय मुद्दे और यूक्रेन पर विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने संसदीय संवादों को दोनों देशों के संबंधों का मजबूत आधार बताया।
यह बैठक हालिया घटनाक्रम का हिस्सा है। 18 जनवरी को जयशंकर ने सीनेटर स्टीव डेन्स से मुलाकात की जिसमें रणनीतिक साझेदारी पर गहन बात हुई। इससे पहले 13 जनवरी को विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर चर्चा हुई जिसमें सिविल न्यूक्लियर ऊर्जा, व्यापार वार्ता और क्षेत्रीय सुरक्षा पर समीक्षा की गई।
रुबियो ने भारत के परमाणु ऊर्जा विकास विधेयक पर बधाई दी। अमेरिकी पक्ष ने इसे सिविल न्यूक्लियर सहयोग बढ़ाने, अमेरिकी कंपनियों के अवसर, ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला के लिए उपयोगी बताया। दोनों ने मुक्त एवं खुले इंडो-पैसिफिक के लिए प्रतिबद्धता दोहराई।
राजदूत गार्सेटी ने इसे सकारात्मक बताया तथा व्यापार, खनिज और न्यूक्लियर सहयोग पर आगे की प्रगति पर जोर दिया। ये मुलाकातें वैश्विक चुनौतियों के बीच दोनों देशों की बढ़ती सामरिक साझेदारी को रेखांकित करती हैं।