
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की आबकारी नीति ने न केवल राज्य के खजाने को मजबूत किया है, बल्कि पूरे देश के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, झारखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों के आबकारी अधिकारी यहां आकर इस नीति के रहस्यों को समझने का प्रयास कर रहे हैं।
नीति में पारदर्शिता, डिजिटल तकनीक, अवैध शराब पर सख्ती और उपभोक्ता संरक्षण पर समान जोर दिया गया है। इसी कारण यूपी आबकारी राजस्व में शीर्षस्थान हासिल कर चुका है। आबकारी आयुक्त आदर्श सिंह ने बताया कि पिछले दो वर्षों में विभिन्न राज्यों के अधिकारियों ने विस्तृत चर्चाएं कीं, जिसमें ई-गवर्नेंस, लाइसेंसिंग और निगरानी पर फोकस रहा।
प्रदेश की डिस्टिलरीज और शराब दुकानों का निरीक्षण करने वाले अधिकारियों ने ई-लॉटरी, बारकोडिंग और स्टॉक प्रबंधन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ये कदम भ्रष्टाचार रोकते हुए राजस्व बढ़ाने में कारगर हैं। कई राज्य अपनी नीतियों में बदलाव की योजना बना रहे हैं।
यह नीति साबित करती है कि दूरदर्शी शासन से चुनौतियों को अवसरों में बदला जा सकता है। यूपी का मॉडल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गया है।