
नई दिल्ली में 25 जनवरी को एक अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें अमेरिकी सेना सचिव डैनियल पी. ड्रिस्कॉल ने भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी से भेंट की। इस चर्चा का मुख्य फोकस भारत-अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को और सशक्त बनाने, सैन्य स्तर पर भागीदारी बढ़ाने तथा वैश्विक शांति के लिए साझा संकल्प को मजबूत करने पर रहा।
दोनों नेताओं ने संयुक्त सैन्य अभ्यासों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, विशेषज्ञों के आदान-प्रदान तथा क्षमता विकास जैसे मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की। भविष्य के नए अवसरों की पड़ताल की गई। यह मुलाकात दोनों देशों के रणनीतिक रक्षा बंधनों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रतीक बनी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह संवाद साझा मूल्यों और विश्वास पर टिका है। हाल ही में क्वालालंपुर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके अमेरिकी समकक्ष पीटर हेगसेथ द्वारा हस्ताक्षरित 10 वर्षीय रक्षा साझेदारी ढांचे ने आधार प्रदान किया। इसके बाद हवाई में 22वीं सैन्य सहयोग समूह बैठक में एआई, साइबर सुरक्षा तथा संयुक्त प्रशिक्षण पर आगे की रूपरेखा बनी।
इसके अतिरिक्त, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी की अमेरिका यात्रा ने इंडो-प्रशांत क्षेत्र में नौसैनिक साझेदारी को बल दिया। नवंबर में वायुसेना का द्विपक्षीय अभ्यास अंतरसंचालन क्षमता बढ़ाने में सफल रहा। ये प्रयास समग्र सैन्य एकजुटता का उदाहरण हैं।
आगे चलकर, यह साझेदारी क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करेगी तथा साझा चुनौतियों का सामना करने में सहायक बनेगी।