
पटना के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने इसे कांग्रेस की भ्रष्ट तत्वों से की गई राजनीतिक साठगांठ का परिणाम ठहराते हुए जोरदार प्रहार किया है।
समाचार एजेंसी से बातचीत में कुमार ने कहा कि सिद्दीकी और शकील अहमद के बयानों से साफ है कि लोकतांत्रिक मूल्यों के नाम पर किए गए भ्रष्टाचारियों से सौदे अब उजागर हो रहे हैं। कांग्रेस की नाव ऐसे नेताओं की चालों से डूब रही है, जहां सिर्फ गांधी परिवार के वफादार सुरक्षित हैं।
शनिवार को खड़गे को भेजे इस्तीफे में सिद्दीकी ने अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए सदस्यता और जिम्मेदारियां छोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल होने के उद्देश्य पूरे नहीं हो रहे, बिना किसी पदाधिकारी पर इल्जाम लगाए।
आरजेडी की कार्यकारिणी बैठक पर कुमार ने कटाक्ष किया कि होटलों में बैठकें क्यों, घर पर ही कर लें। सर्कुलर रोड की 89,000 वर्ग फुट संपत्ति खाली पड़ी है। परिवारवाद हावी है, रोहिणी आचार्य मामले का हिसाब भी चुकाना होगा। बिहार में आरजेडी लंबे समय तक गायब रहेगी।
राहुल गांधी की चुनाव आयोग पर टिप्पणी को कुमार ने हार की छटांग बताते हुए कहा कि जीत पर ईसीआई निष्पक्ष, हार पर पक्षपाती। यह घटना बिहार विपक्ष में फूट को उजागर करती है।