
पटना। बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अपने बागी नेताओं पर जल्द सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। सांसद सुधाकर सिंह ने बताया कि पार्टी के खिलाफ काम करने वालों की पूरी जांच के बाद रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को सौंप दी गई है। एक-दो दिनों में फैसला आते ही इसे सार्वजनिक किया जाएगा।
सुधाकर सिंह ने कहा कि हालिया चुनावों में कई नेताओं ने बगावत कर स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। कुछ ने तो खुले तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियां चलाईं। इनकी गहन समीक्षा की गई और रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचा दी गई। पार्टी जो भी कदम उठाएगी, वह जल्द ही सबके सामने होगा।
उन्होंने तेजस्वी यादव के बयान ‘बिहार में लोक हारा है, तंत्र जीता है’ का खुलकर समर्थन किया। मतदाता सूची से लाखों नाम काटे गए, मतदान के दौरान सरकारी योजनाओं के नाम पर पैसे ट्रांसफर हुए। सिंह ने इसे बेईमानी करार देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में ऐसी अनियमितताओं का अंत होगा।
कांग्रेस से नसीमुद्दीन सिद्दीकी के इस्तीफे पर सिंह बोले कि दूसरे दलों से आने वाले नेताओं को पार्टी सिस्टम समझने में समय लगता है। फैसला तो शीर्ष नेतृत्व ही लेगा।
राजद का यह कदम पार्टी में अनुशासन लाने और भविष्य की राजनीति को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। बिहार की जनता चुनावी धांधली पर सवाल उठा रही है, ऐसे में विपक्ष की यह रणनीति महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।