
झारखंड के रांची जिले के तिरिल बस्ती स्थित लाबेद गांव में शनिवार को शहीद जवान अजय लकड़ा को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। जम्मू कश्मीर के डोडा में 22 जनवरी को ऑपरेशन के दौरान 200 फीट गहरी खाई में गिरे वाहन से 10 जवान शहीद हो गए थे, जिनमें रांची का यह वीर सपूत भी शामिल था।
शुक्रवार रात बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर उनके पार्थिव शरीर को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, डीसी मंजूनाथ भजंत्री सहित अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी। शनिवार को गांव पहुंचे शव को देखकर मां बार-बार बेहोश हो रही थीं। ‘अब मेरा कौन ख्याल रखेगा? नया घर कैसे बनेगा?’ वे रोते हुए पूछ रही थीं।
अजय ने मां से फोन पर वादा किया था कि मार्च-अप्रैल में छुट्टी लेकर घर आएंगे, पुराना मकान तोड़कर पक्का घर बनवाएंगे और शादी करेंगे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। 2003 में पिता के निधन के बाद मां ने हड़िया बेचकर बच्चों को पाला।
बचपन से देशसेवा का जज्बा रखने वाले अजय सुबह 2 बजे दौड़ लगाते थे। तीन बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है, एक आईआरबी में हैं, छोटा भाई दिल्ली में सीआईएसएफ में तैनात। शहीद की कुर्बानी पूरे गांव का सिर गर्व से ऊंचा कर गई।