
अमेरिका के विशाल भूभाग पर छाए भयावह शीतकालीन तूफान ने भारी बर्फबारी और हिमजट्टा से जनजीवन को पूरी तरह ठप कर दिया है। सामान्य से कहीं नीचे तापमान गिरने से हजारों घर अंधेरे में डूब गए और 20 से अधिक राज्यों में आपातकाल घोषित हो गया।
रॉकी पर्वतों से न्यू इंग्लैंड तक फैले इस तूफान ने 37 राज्यों में करीब 19 करोड़ लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। न्यू मैक्सिको से टेनेसी तक हिमजट्टा और ओलावृष्टि ने तबाही मचाई, जबकि मिडवेस्ट व मिड-अटलांटिक क्षेत्रों में जोरदार हिमपात हुआ। मध्य व पूर्वी इलाकों में ठंडी हवाओं ने तापमान को माइनस 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तक महसूस कराया।
बर्फीली चादरों से बिजली तार टूटे और संरचनाएं ध्वस्त हुईं। शनिवार तक एक लाख 32 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल रही, खासकर दक्षिणी व दक्षिण-पश्चिमी राज्यों में। टेक्सास में 57 हजार, लुइसियाना में 45 हजार उपभोक्ता प्रभावित।
यात्रा व्यवस्था चरमरा गई। वीकेंड में 9 हजार उड़ानें रद्द, रविवार को और बाधा की आशंका। डलास, शार्लोट व नैशविले हवाईअड्डे सबसे ज्यादा प्रभावित।
20+ राज्य जैसे टेक्सास, न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी आदि ने इमरजेंसी लगाई। राष्ट्रपति ट्रंप ने संघीय सहायता 승인 की। होमलैंड सिक्योरिटी सचिव नोएम ने स्थानीय निर्देशों का पालन करने को कहा।
12 राज्यों में नेशनल गार्ड तैनात। साउथ कैरोलाइना में लंबे बिजली कटौती की चेतावनी। मौसम विशेषज्ञों ने इसे 20 सालों का सबसे बुरा तूफान बताया। वाशिंगटन डीसी में दफ्तर बंद।
टेक्सास बिजली संकट पर सवाल। अगले हफ्ते सुधार संभव, लेकिन कुछ इलाकों में ठंड बरकरार। घर में रहें, यात्रा न करें।