
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में भाजपा की रणनीति पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्य में भाजपा बिना सहयोगियों के कुछ नहीं कर पाएगी। तमिलनाडु के अलावा केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में भी भाजपा के प्रयास विफल हो रहे हैं।
महाराष्ट्र की याद दिलाते हुए दुबे ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने कभी भाजपा को मजबूती दी थी, लेकिन बदले में उनकी पार्टी तोड़ दी गई। बालासाहेब की जन्म शताब्दी पर statewide आयोजन हुए, जहां उनकी राष्ट्रीय छवि उभरी। हिंदू हितों की उनकी आवाज विश्व स्तर पर गूंजी। दुबे ने पार्टी विभाजन पर दुख जताया और सुप्रीम कोर्ट से चुनाव चिन्ह वापसी का भरोसा जताया।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर के विवाद पर दुबे बोले, थरूर का अनुभव अमूल्य है, कांग्रेस को ऐसे नेताओं का सम्मान करना चाहिए। बीएमसी मेयर की लड़ाई में भाजपा सफल हो सकती है, लेकिन मराठी मानुष को क्या लाभ? एकनाथ शिंदे को सोचना चाहिए।
ये बयान विपक्षी एकता और क्षेत्रीय राजनीति की जटिलताओं को रेखांकित करते हैं।