
बिहार की सियासत में भूचाल मचाने वाली खबर के तहत विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रमुख डॉ. सुनील कुमार सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद उन्होंने तेजस्वी यादव और मुकेश साहनी पर कई संगीन आरोप लगाए। टीवी9 डिजिटल को दिए इंटरव्यू में सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में कभी सामंजस्य नहीं रहा, जिसकी वजह से गठबंधन की करारी हार हुई।
सिंह ने बताया कि वे युवा नेतृत्व की तलाश में वीआईपी में शामिल हुए थे। तेजस्वी-मुकेश की जोड़ी बिहार बदल सकती थी, लेकिन टिकट वितरण के समय युवापन की जगह लड़कपन नजर आया। तेजस्वी राजकुमार की तरह बर्ताव करने लगे, नेताओं-कार्यकर्ताओं से रूखा व्यवहार किया। खासकर मुकेश साहनी के साथ उनका सलूक अपमानजनक था।
सीट बंटवारे में 60 से शुरू होकर 24 पर सिमट गई बात। एनडीए के बाद बची-खुची सीटें थमा दी गईं। गौरा बौराम में मुकेश साहनी के खिलाफ आरजेडी ने उम्मीदवार उतारा। प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ भी। निषाद समाज ने यह अपमान देखा और एनडीए को वोट दिया।
प्रचार में भी तालमेल नदारद। सुनील सिंह ने सवाल उठाया कि मुकेश साहनी ने अपमान क्यों सहे? डिप्टी सीएम का लॉलीपॉप थमाया गया। तेजस्वी जीत चुके मानकर चल रहे थे, जबकि मुकेश लालू-तेजस्वी की तारीफें करते रहे। यह एकतरफा रिश्ता जनता ने नकार दिया। बिहार को ऐसे गैरजिम्मेदार नेतृत्व की जरूरत नहीं।