
हरिद्वार। गुप्त नवरात्रि के पावन पर्व पर बॉलीवुड अभिनेत्री अदा शर्मा कनखल के श्री महा मृत्युंजय मंदिर पहुंचीं। स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज के श्री हरिहर आश्रम की वैदिक पाठशाला के छात्रों के साथ उन्होंने महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र का भावपूर्ण सामूहिक पाठ किया।
अदा ने इंस्टाग्राम पर इस दिव्य क्षण का मार्मिक वीडियो साझा किया, जिसमें वे ऊर्जावान छात्रों संग स्तोत्र गान करती दिखीं। कैप्शन में लिखा, “गुप्त नवरात्रि पर कनखल मृत्युंजय मंदिर में वैदिक छात्रों संग महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र।”
आध्यात्मिक झुकाव वाली अदा भक्तों से मंदिर दर्शन व पूजन विधियों को नियमित साझा करती रहती हैं। उन्होंने पूर्व में गुप्त नवरात्रि को सरल शब्दों में समझाया कि यह गरबा-डांडिया का शोरगुल वाला उत्सव नहीं, अपितु शांति, तपस्या व आंतरिक भक्ति का महापर्व है।
गुप्त नवरात्रि की कथा सुनाते हुए अदा ने कहा कि असुरों व अहंकार के प्रकोप पर देवताओं ने शिव से सहायता मांगी। शिवजी ने मां पार्वती को उनकी शक्ति गुप्त रूप से जागृत करने को कहा, जो सच्चे भक्त ही अनुभव सकें। दस महाविद्याओं के गूढ़ ज्ञान से मां ने धीरे-धीरे अंधकार मिटाया, असुर तप-श्रद्धाहीन होने से कमजोर पड़े।
कार्यसिद्धि पर मां बोलीं, “शोर में ढूंढने वाले को मैं थोड़ी मिलती हूं, शांति-भक्ति से पुकारने वाले को पूर्ण रूप से।” यही गुप्त नवरात्रि का मूल मंत्र है।
भागीरथी नगर स्थित यह शिव मंदिर हर की पौड़ी से मात्र 5 किमी दूर कनखल में सुगम है। गंगा तट पर हरिहर आश्रम जूना अखाड़े की आचार्यपीठ है, जहां वैदिक शिक्षा फलित हो रही है।
अदा का यह कदम आध्यात्मिकता को प्रोत्साहित करता है, युवाओं को सच्ची भक्ति की ओर प्रेरित करता है।