
जिनेवा, 24 जनवरी। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के विशेष सत्र में ईरान की मानवाधिकार स्थिति पर चर्चा के दौरान चीन ने अपना स्पष्ट रुख व्यक्त किया। आइसलैंड जैसे देशों के अनुरोध पर बुलाए गए इस सत्र में चीनी स्थायी प्रतिनिधि झा पेइयांग ने कहा कि हर देश को मानवाधिकार विकास का अपना मार्ग चुनने की स्वतंत्रता है।
चीन मानवाधिकार के नाम पर किसी अन्य देश के आंतरिक मामलों में दखलंदाजी, बिना सहमति के देश-विशिष्ट व्यवस्था थोपने और दोहरे मापदंड अपनाने का कड़ा विरोध करता है। झा ने जोर देकर कहा कि ईरान के आंतरिक घटनाक्रम उसका अपना मामला हैं, जिनका फैसला ईरानी जनता स्वयं करेगी।
संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करते हुए चीन बल प्रयोग या धमकी तथा इच्छा थोपने का विरोध करता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हुए उसके सरकार व जनता को चुनौतियों से निपटने, स्थिरता बनाए रखने में सहायता करनी चाहिए।
चीन सभी पक्षों से संवाद के जरिए मतभेद सुलझाने की अपेक्षा रखता है और इसमें रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है। ईरान की घरेलू स्थिति ने वैश्विक ध्यान खींचा है, और चीन का यह बयान बहुपक्षीयता पर उसके दृढ़ विश्वास को दर्शाता है।