
पटना के आरजेडी कार्यालय में शनिवार को जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार और बीजेपी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने परिवारवाद का मुद्दा उठाते हुए नितिन नबीन की बीजेपी अध्यक्ष बनने पर सवाल खड़े किए।
पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी ने कहा कि यह लोकतंत्र नहीं, तंत्र की जीत है। पूरी व्यवस्था उनके साथ होने के बावजूद 60 प्रतिशत लोगों ने सरकार के खिलाफ वोट दिया। आरजेडी को 1.9 करोड़ वोट मिले, जो जनता के भरोसे का प्रमाण है।
कर्पूरी ठाकुर और लालू प्रसाद की तरह झुकने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा, हम लड़ेंगे और लड़ने वाले ही जीतते हैं। बिहार में गरीबी, बेरोजगारी और पलायन की मार जारी है, लेकिन सत्ता के पुराने चेहरे चिंतित नहीं।
ये वही लोग हैं जो कर्पूरी जी को गालियां देते थे। वे संविधान बदलने और लोकतंत्र खत्म करने की बात करते हैं। कानून व्यवस्था चरमरा गई है, अपराध बढ़े हैं, महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। शंभू हॉस्टल जैसी घटनाओं पर सत्ताधारी चुप हैं।
बीजेपी नेता के बयान पर पलटवार करते हुए तेजस्वी ने कहा कि रोज बलात्कार-हत्या हो रही है, इसे मजाक न बनाएं। बच्चियों के साथ दुष्कर्म पर पीएम चुप हैं। नितिन नबीन को बधाई, लेकिन उनके पिता कौन थे? यही तो परिवारवाद है।
100 दिनों तक सरकार पर नहीं बोलूंगा, लेकिन विधानसभा सत्र के बाद पूरे बिहार में घूमेंगे और नया संगठन खड़ा करेंगे। आरजेडी मजबूत है, जनता की आवाज बुलंद करते रहेंगे।