
उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल जल की गुणवत्ता की पूरी जानकारी अब आम लोग ऑनलाइन पोर्टल और ऑफलाइन केंद्रों से प्राप्त कर सकेंगे। सभी जल परीक्षण रिपोर्टें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होंगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता सचिव अशोक कुमार मीणा ने लखनऊ दौरे के दौरान यह निर्देश दिए। उन्होंने यूपी सरकार के जेजेएम पोर्टल को केंद्रीय विलेज डैशबोर्ड और डीडब्ल्यूएसएम से जोड़ने का आदेश दिया। इससे ग्रामीणों को स्थानीय जल योजनाओं, गुणवत्ता और आपूर्ति की सटीक जानकारी मिलेगी। लोग फीडबैक भी दर्ज करा सकेंगे।
अधिकारियों के साथ बैठक में मीणा ने मिशन की प्रगति की गहन समीक्षा की। समयबद्ध क्रियान्वयन और ग्राम पेयजल समितियों को मजबूत बनाने पर जोर दिया। गोसाईगंज के चांद सराय गांव का दौरा कर उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था की प्रशंसा की, इसे आदर्श योजना बताया।
ग्रामीणों और प्रधान से बातचीत में पता चला कि योजना से जीवनशैली बदली है। अब दूर पानी नहीं लाना पड़ता, घर पर स्वच्छ जल मिलता है, जिससे स्वास्थ्य बेहतर हुआ और समय की बचत हो रही है।
यह कदम 2024 तक हर घर नल जल सुनिश्चित करने के लक्ष्य को मजबूत करेगा। यूपी में करोड़ों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं, ऐसी पारदर्शिता से मिशन की सफलता निश्चित है।