
तिरुवनंतपुरम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को लेकर एक क्रांतिकारी सोच उभर रही है। राज्य सरकार एआई को शासन व्यवस्था में सुधार और आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार बना रही है। यह केवल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में ठोस परिणाम देने पर केंद्रित है।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि एआई जनसेवाओं को बदलने की क्षमता रखता है, लेकिन इसे लोकतांत्रिक मूल्यों, नैतिकता और डेटा सुरक्षा के साथ विकसित करना जरूरी है। के-फोन, केरल स्टार्टअप मिशन और डिजिटल यूनिवर्सिटी ने पहले से ही मजबूत नींव रख दी है।
अब चुनौती इनका उपयोग बड़े स्तर पर एआई प्रोजेक्ट्स में करना है। भारत एआई मिशन से तालमेल रखते हुए केरल 2026 के इंडिया एआई समिट के लिए खुद को प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में अग्रसर है। स्टार्टअप्स, निवेशक और वैश्विक साझेदारों को आकर्षित करने पर जोर है।
कुशल मानव संसाधन और सार्वजनिक संस्थानों की ताकत से हेल्थ टेक, गवर्नेंस और साइबर सिक्योरिटी में एआई समाधान विकसित हो रहे हैं। पायलट प्रोजेक्ट्स निर्यात योग्य मॉडल बन सकते हैं।
नीतियों को अमल में लाने के लिए सक्रिय खरीद प्रक्रिया, स्पष्ट नियम और त्रिपक्षीय सहयोग आवश्यक है। अति सतर्कता नवाचार को रोक सकती है। केरल का एआई दृष्टिकोण जनहित को प्राथमिकता देता है, जो भारत की एआई अर्थव्यवस्था में विशेष स्थान दिला सकता है।