
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने देशव्यापी फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग धंधे के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। इस गिरोह ने नकली ऐप्स और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए हजारों लोगों को लालच देकर 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की। कोलकाता व लखनऊ से चार मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
गिरोह सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापनों से शिकार बनाता। व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर हाई रिटर्न का झांसा देकर लोगों को फर्जी टेलीग्राम ग्रुप्स में शामिल किया जाता। फिर नकली ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया जाता, जिसमें मुनाफे का झूठा डैशबोर्ड दिखाया जाता।
छोटी रकम का नकली प्रॉफिट दिखाकर भरोसा जीतते और बड़ी रकम निवेश करवाते। पैसे निकालने पर टैक्स-फीस के नाम पर और ठगते। सारा पैसा म्यूल खातों में चला जाता। 105 फर्जी कंपनियों के 260 से ज्यादा बैंक खाते जुटाए गए थे।
इंस्पेक्टर सतेंद्र खारी की टीम ने 200 से अधिक बैंकों के डेटा खंगाले। कोलकाता में बिस्वजीत मंडल, आशीष अग्रवाल, शुभम शर्मा व लखनऊ में राजिब शाह पकड़े गए। पूछताछ से कंबोडिया कनेक्शन व क्रिप्टो ट्रांसफर का खुलासा।
चार-पांच साल पुराना यह गिरोह पूर्वी यूपी, कोलकाता, बिहार में सक्रिय था। 39 फोन, 258 सिम, लैपटॉप, 19 लाख फ्रीज। एनसीआरबी पर 2567 शिकायतें जुड़ीं। जांच जारी है।