
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 4.0 ने देशभर में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। 7 दिसंबर 2025 तक 38 विभिन्न क्षेत्रों में 27.08 लाख युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह पहल 36 राज्यों और 732 जिलों में फैली हुई है, जो युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने की मजबूत प्रतिबद्धता दर्शाती है।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल 2024 से शुरू होकर आईटी, एयरोस्पेस, कृषि, रबर, चमड़ा, पर्यटन जैसे क्षेत्रों में 34 राज्यों के 670 जिलों में 7.5 लाख से ज्यादा युवा प्रशिक्षित हुए। योजना के चार चरणों में यह छोटे स्तर से एक विशाल मांग-आधारित प्रणाली बन चुकी है।
युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए सशक्त बनाने हेतु 77 विशेष कोर्स और 102 नए पदनाम शुरू किए गए, जिनमें एआई, इंडस्ट्री 4.0, ग्रीन जॉब्स, डिजिटल सेवाएं प्रमुख हैं। देश में 15,500 से अधिक संस्थान योजना चला रहे हैं, जिसमें 7,000 स्किल हब, आईटीआई शामिल हैं। आईआईटी, आईआईएम जैसी प्रतिष्ठित संस्थाएं भी जुड़ीं।
अप्रैल 2024 से सितंबर 2025 तक 1,652.89 करोड़ रुपये खर्च हुए। प्रशिक्षकों के लिए 200 करोड़ का अलग कोष है, जो एनसीवीईटी मानकों पर आधारित है और एसआईडीएच पर उपलब्ध। नवंबर 2025 तक 34,505 प्रशिक्षक और 13,844 मूल्यांकनकर्ता प्रमाणित।
आईटीआई की संख्या 2014 के 9,977 से बढ़कर 14,682 हो गई, जिसमें 4,605 नए खुले। दाखिले 9.5 लाख से 14 लाख पार। एनएसटीआई 33 और आईटीओटी 120 हो गए, 17,475 नई सीटें मंजूर। यह प्रयास भारत को कुशल मानव संसाधन प्रदान कर आर्थिक उन्नति सुनिश्चित करेगा।