
जिनेवा से आई संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की रिपोर्ट ने अमेरिका की आव्रजन प्रवर्तन व्यवस्था में हो रहे लगातार दुर्व्यवहार की तीखी आलोचना की है। मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रवासियों और शरणार्थियों के साथ मानवीय गरिमा तथा उचित प्रक्रिया के अधिकारों का पूर्ण सम्मान होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि हिरासत में लिए गए कई व्यक्तियों को समय पर कानूनी सहायता या अपनी हिरासत तथा निष्कासन के फैसलों को चुनौती देने के प्रभावी तरीके उपलब्ध नहीं हो पाते। तुर्क ने अमेरिका से अपील की कि उसकी प्रवासन नीतियां और कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानदंडों के अनुरूप हों।
आईसीई हिरासत में मौतों की संख्या बढ़ने पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने स्वतंत्र जांच की मांग की। पिछले वर्ष कम से कम 30 मौतें दर्ज की गईं, जबकि इस साल अब तक छह और मामले सामने आ चुके हैं।
मिनियापोलिस में सात जनवरी को संघीय अभियान के दौरान एक आईसीई एजेंट ने 37 वर्षीय अमेरिकी नागरिक को गोली मार दी। एक सप्ताह बाद उसी क्षेत्र में वेनेजुएला के एक अप्रवासी की भी हत्या कर दी गई, जिससे जनाक्रोश भड़क उठा।
इसी क्रम में मिनियापोलिस-सेंट पॉल हवाई अड्डे पर आईसीई के खिलाफ प्रदर्शन में लगभग 100 पादरियों को गिरफ्तार किया गया। फेथ इन मिनेसोटा समूह के नेतृत्व में टर्मिनल-1 पर सड़कें अवरुद्ध करने पर पुलिस ने कार्रवाई की। प्रदर्शनकारियों ने डेल्टा एयरलाइंस और सिग्नेचर एविएशन से आईसीई सहयोग बंद करने की मांग की। उन्होंने प्रार्थना, भजन और हिरासतियों की कहानियां साझा कीं। समूह ने बताया कि हवाई अड्डे से करीब दो हजार लोगों को निर्वासित किया गया है तथा आईसीई ने 12 कर्मचारियों को पकड़ा है।