
नई दिल्ली, 24 जनवरी। माघ शुक्ल पक्ष की सप्तमी रविवार को भानु सप्तमी और गुप्त नवरात्रि के सातवें दिन के रूप में धार्मिक जगत में विशेष उत्साह लेकर आ रही है। सूर्य भक्तों और देवी साधकों के लिए यह संयोग अनमोल है।
25 जनवरी को भानु सप्तमी का पावन पर्व है, जो रविवार की सप्तमी पर रवि सप्तमी कहलाता है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य पूजा से सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य लाभ, नौकरी में तरक्की और शारीरिक-मानसिक पीड़ाओं से छुटकारा मिलता है।
इसी रविवार को गुप्त नवरात्रि का सातवां दिन है। माघ शुक्ल पक्ष में होने वाली यह नवरात्रि तांत्रिक साधना के लिए प्रसिद्ध है। दोनों पर्वों का योग इस दिन को पुण्यमय बना देता है।
भानु सप्तमी पर स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य दें। लाल चंदन, रोली, लाल फूल, गुड़, चावल और जल से अभिषेक करें। मंत्र ‘ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः’, ‘घृणि सूर्याय नमः’, ‘सूर्य देवताभ्यां नमः’ का 108 बार जप करें। पूजा उपरांत गुड़, गेहूं, लाल वस्त्र या तांबे का दान करें।
इस भक्ति से जीवन में नई ऊर्जा आती है, करियर चमकता है, रोग दूर होते हैं। गुप्त नवरात्रि की साधना से दोहरी शक्ति प्राप्ति होती है।
दृक पंचांग: सप्तमी रात 11:10 तक। रेवती नक्षत्र दोपहर 1:35 तक, फिर अश्विनी। चंद्र मीन राशि में। सूर्योदय 7:13, सूर्यास्त 5:54।
शुभ कार्यों से पूर्व मुहूर्त देखें। राहुकाल 4:34 से 5:54, यमगंड 12:34 से 1:54, गुलिक 3:14 से 4:34 तक अशुभ। ब्रह्म मुहूर्त 5:26 से 6:19, अभिजित 12:12 से 12:55 शुभ।
इस रविवार की साधना से जीवन सकारात्मक दिशा पा सकता है।