
पटना, 23 जनवरी। बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पूर्व संध्या पर उनकी सादगी, सिद्धांतों और जनसेवा की याद ताजा की। सामाजिक न्याय संघर्ष मोर्चा और राष्ट्रीय नाई महासभा द्वारा आयोजित संगोष्ठी में अतिपिछड़ा समाज के विकास में एनडीए की भूमिका पर चर्चा हुई, जिसमें जायसवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया।
उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर अपनी सादगी और सिद्धांतों के लिए हमेशा याद रहेंगे। उनका जीवन वंचित वर्गों के उत्थान और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पित था। समावेशी समाज निर्माण में उनका योगदान आज भी प्रेरणा स्रोत है। वे उच्च विचारों के धनी थे, लेकिन जीवन अत्यंत सादा जीया। दो बार मुख्यमंत्री और एक बार उपमुख्यमंत्री रहने के बावजूद उनके पास न घर था, न बैंक में धन। यह आज के नेताओं के लिए सबक है।
जायसवाल ने जोर देकर कहा कि ठाकुर ने कभी सत्ता का परिवार के हित में दुरुपयोग नहीं किया। राजनीति को उन्होंने सेवा का माध्यम बनाया। अतिपिछड़ों को आरक्षण की नींव रखने वाले वे ही थे। उनकी ईमानदारी आज भी प्रासंगिक है।
बसंत पंचमी की बधाई देते हुए उन्होंने मां सरस्वती से प्रार्थना की कि यह पर्व ज्ञान, बुद्धि और सदाचार की प्रेरणा लाए। एनडीए सरकार शिक्षा और संस्कारों के संवर्धन में लगी हुई है।
कर्पूरी ठाकुर का जीवन आदर्श है, जो बिहार को समृद्धि की राह दिखाता रहेगा।