
बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में हर साल नए चेहरे आते हैं, लेकिन स्थायी जगह बनाने वाले गिनती के ही होते हैं। रिया सेन जैसी अभिनेत्री, जिनकी नानी सुचित्रा सेन बंगाली सिनेमा की अमर शख्सियत थीं और मां मुनमुन सेन ने भी अपनी छाप छोड़ी, फिर भी रिया उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच सकीं।
बचपन में 1991 की फिल्म विषकन्या से छोटे role में नजर आईं रिया ने 15 साल की उम्र में 1999 की तमिल फिल्म ताजमहल से मुख्य भूमिका निभाई। 2001 में स्टाइल, झंकार बीट्स, शादी नंबर 1 और सपना डॉली डॉली जैसी कई फिल्में रिलीज हुईं, लेकिन ये बॉक्स ऑफिस पर असफल या औसत रहीं। 2005 में मलयालम हॉरर फिल्म अनंतभाद्रम् में भी दिखीं, पर सफलता हाथ न आई।
रिया को सेट पर बदमाशी और स्टाफ से झगड़ों के लिए जाना जाता था, जिससे प्रोड्यूसर्स दूर भागते थे। फिल्मों से ज्यादा उनके विवाद चर्चा में रहे- एमएमएस लीक, रेव पार्टी, और लव अफेयर्स। जॉन अब्राहम के साथ लंबा रिश्ता, शादी की अफवाहें, फिर अश्मित पटेल, सलमान रुश्दी, युवराज सिंह, अक्षय खन्ना, श्रीसंत तक नाम जोड़े गए।
आज रिया बड़े पर्दे से गायब हैं। उनकी कहानी सिखाती है कि खानदानी विरासत अकेले काफी नहीं, मेहनत और छवि जरूरी है।