
गुवाहाटी की सड़कें और स्कूल-कॉलेज बसंत पंचमी के पीले रंग में सराबोर हो गए। 23 जनवरी को ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा में छात्रों और शिक्षकों की भारी भीड़ उमड़ी। पंडालों में पीले फूलों की सजावट, दीप प्रज्वलन और हवन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
विद्यार्थियों ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं से ठीक पहले मां का आशीर्वाद लेना अनिवार्य है। ‘बिना उनके कृपा के मेहनत व्यर्थ जाती है,’ बोले एक छात्र। छात्राओं ने भी यही भाव व्यक्त किया कि अच्छे अंक पाने के लिए सरस्वती वंदना जरूरी है।
शिक्षिकाओं ने कहा, ‘हमारा ज्ञान और करियर मां सरस्वती की देन है। यह पर्व हमें शांति देता है और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।’ पुजारियों ने पीले फूल चढ़ाने के विशेष महत्व पर जोर दिया, जो ज्ञान के साथ सुख-समृद्धि लाता है।
असम से लेकर पूरे भारत तक सरस्वती पूजा का जोश छाया रहा। उत्तर के मंदिरों से दक्षिण तक पीले भोग लगाए गए। गुवाहाटी में यह त्योहार शिक्षा के महत्व को नई ऊंचाई दे गया।