
पाकिस्तान के रावलपिंडी में ऊंची इमारतों की अग्नि सुरक्षा की पोल खुल गई है। 160 से अधिक ऐसी इमारतों में केवल एक ही सरकारी मानकों को पूरी तरह पूरा करती है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
कराची के गुल प्लाजा मॉल में लगी भयानक आग में 71 लोगों की मौत के बाद पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने ऊंची इमारतों का सर्वेक्षण कराने और फायर हाइड्रेंट लगवाने के आदेश दिए थे। संवेदनशील क्षेत्रों की दोबारा जांच के बाद अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, मॉल के निकट स्थित एक इमारत ही सभी प्रमुख मानकों पर उतरती है। इसमें फायर हाइड्रेंट, इमरजेंसी एग्जिट, अलार्म, डिटेक्टर, स्प्रिंकलर और प्रशिक्षित टीम मौजूद है, जो एक मिनट में लोगों को सुरक्षित निकाल सकती है।
रेस्क्यू 1122 के डीईओ सिबगत उल्लाह ने बताया कि स्टेशन पर 19 फायर वाहन और 300 से ज्यादा ट्रेंड कर्मी तैनात हैं। नियमों में आपात सीढ़ियां, बाहरी हाइड्रेंट, साफ रास्ते, एक्सटिंग्विशर, अलार्म सिस्टम, आंतरिक हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर और ड्रिल अनिवार्य हैं।
127 इमारतों को पहला नोटिस, 82 को दूसरा और 16 को तीसरा नोटिस मिला। दो को अंतिम चेतावनी दी गई है। पालन न होने पर सीलिंग की सिफारिश होगी।
कराची में सर्च ऑपरेशन सातवें दिन जारी है। शव मिलने से मौतें 71 पहुंचीं। 77 लापता, शुक्रवार रात तक खत्म होने की उम्मीद। 17 जनवरी की यह आग शहर की सबसे भयावह घटनाओं में शुमार है।