
नागालैंड में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ड्रोन तकनीक का सहारा लिया गया है। कोहिमा में योजना एवं परिवर्तन विभाग के तहत नागालैंड जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनजीआईएसआरएससी) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओए) राज्य के पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में मेडिकल सहायता की पहुंच को आसान बनाएगा।
यह साझेदारी आपातकालीन दवाओं, वैक्सीन और जांच सामग्री की हवाई आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। मच्छरजनित बीमारियों पर निगरानी और वेक्टर नियंत्रण के लिए ड्रोन हवाई सर्वेक्षण करेंगे, जबकि भू-स्थानिक मैपिंग से स्वास्थ्य योजनाओं में सुधार होगा।
प्राकृतिक आपदाओं या महामारी के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया संभव होगी। एनजीआईएसआरएससी ड्रोन उड़ान, प्रशिक्षण, डेटा विश्लेषण और नियमों का पालन करेगा, वहीं स्वास्थ्य विभाग लॉजिस्टिक्स और तैनाती का जिम्मा संभालेगा।
एनजीआईएसआरएससी के वरिष्ठ परियोजना निदेशक म्हाथुंग किथान ने कहा, ‘पहाड़ी राज्य में ड्रोन स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता बढ़ाएंगे।’ स्वास्थ्य विभाग की प्रधान निदेशक डॉ. मेरेनिनला सेनलेम ने जोर दिया कि यह आपदा प्रबंधन को मजबूत करेगा।
यह एमओए तकनीकी नवाचार और विभागीय सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो नागालैंड को मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था प्रदान करेगा।