
अमरावती। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर अगले वर्ष होने वाले गोदावरी पुष्करलू की विस्तृत तैयारियों का जायजा लिया। 26 जून से 7 जुलाई 2027 तक 12 दिनों तक चलने वाले इस पवित्र आयोजन के लिए पोलावरम, एलुरु, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, अंबेडकर कोनासीमा और काकीनाडा सहित छह जिलों में व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
बैठक से पूर्व पुरोहितों से आशीर्वाद लेने वाले नायडू ने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए तीसरी बार इस महायज्ञ का आयोजन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। सरकार ने वर्तमान 234 घाटों के अलावा 139 नए घाट बनाकर कुल 373 घाटों का विकास करने का लक्ष्य रखा है, जिनकी कुल लंबाई 9,918 मीटर है।
पुष्करलू के दौरान गोदावरी में स्नान के लिए भारत-विदेश से करीब 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। नायडू ने पोलावरम परियोजना को समय से पहले पूरा करने और सभी विभागों में समन्वय के निर्देश दिए। बैठक में मंत्री अनम रामनारायण रेड्डी, अनीता नारायण, निम्मला रामनायडू सहित अन्य और मुख्य सचिव विजयानंद, डीजीपी हरीश कुमार गुप्ता मौजूद थे।
जल संसाधन मंत्री निम्मला रामनायडू ने कहा कि शास्त्रों में पुष्करलू काल में पवित्र नदियों में स्नान को 12 वर्षों के 12 स्नानों के बराबर पुण्यकारी बताया गया है। दक्षिण गंगा के रूप में प्रसिद्ध गोदावरी हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न अंग है। गठबंधन सरकार महाकुंभ की तर्ज पर इस आयोजन को यादगार बनाने को कटिबद्ध है।