
नई दिल्ली। वित्तीय क्षेत्र के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों (पीएसजीआईसी), नाबार्ड के कर्मचारियों तथा आरबीआई के सेवानिवृत्त कर्मियों के वेतन और पेंशन में महत्वपूर्ण संशोधन को हरी झंडी दे दी है। इससे करीब 90,000 से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि ये कदम कर्मचारियों का हौसला बढ़ाने और पेंशनधारकों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाए गए हैं। पीएसजीआईसी कर्मियों का वेतन संशोधन 1 अगस्त 2022 से लागू होगा, जिसमें कुल 12.41 प्रतिशत की वृद्धि होगी। मूल वेतन व महंगाई भत्ता 14 प्रतिशत बढ़ेगा। इससे 43,247 कर्मचारियों को फायदा होगा। साथ ही, एनपीएस अंशदान 10 से 14 प्रतिशत हो गया है।
पारिवारिक पेंशन में 30 प्रतिशत की एकसमान वृद्धि होगी, जो राजपत्र प्रकाशन से प्रभावी होगी। 15,582 में से 14,615 पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। कुल खर्च करीब 8,170.30 करोड़ रुपये, जिसमें वेतन बकाया पर 5,822.68 करोड़, एनपीएस पर 250.15 करोड़ और पारिवारिक पेंशन पर 2,097.47 करोड़ शामिल हैं। पीएसजीआईसी में नेशनल इंश्योरेंस, न्यू इंडिया, ओरिएंटल, यूनाइटेड इंडिया, जीआईसी और एग्रीकल्चरल इंश्योरेंस शामिल हैं।
नाबार्ड के ग्रुप ए, बी, सी कर्मचारियों को 20 प्रतिशत वेतन वृद्धि 1 नवंबर 2022 से, जो 3,800 लोगों को लाभ देगी। वार्षिक बिल 170 करोड़ बढ़ेगा, बकाया 510 करोड़। पेंशन पर 50.82 करोड़ एकमुश्त और 3.55 करोड़ मासिक अतिरिक्त।
आरबीआई पेंशनभोगियों को मूल पेंशन व डीआर पर 10 प्रतिशत वृद्धि, जो आधार को 1.43 गुना करेगी। 30,769 लाभार्थी, खर्च 2,696.82 करोड़। यह निर्णय सरकारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो आर्थिक स्थिरता मजबूत करेगा।