
चेन्नई के पास मदुरंतकम में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के साथ ही एनडीए ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव अभियान की जोरदार शुरुआत की। इस मौके पर एएमएमके नेता टीटीवी दिनाकरन ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर तीखा प्रहार किया और उन्हें वंशवादी राजनीति का दोषी ठहराया।
दिनाकरन ने कहा कि राज्य में अपराध, हिंसा और आर्थिक संकट के बीच स्टालिन अपने बेटे उदयनिधि को सीएम बनाने की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शासन व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और जनकल्याण की अनदेखी हो रही है, जबकि परिवारवाद हावी है।
रैली में एआईएडीएमके के पलानीस्वामी, पीएमके के अंबुमणि रामदास, टीएमसी के जीके वासन समेत एनडीए के सभी नेता एक मंच पर नजर आए। यह एकजुटता चुनाव से पहले महत्वपूर्ण संदेश देती है। दिनाकरन ने पीएम मोदी की तारीफ की, जो तमिलनाडु में ‘परिवारवादी शासन’ को समाप्त करने के लिए कटिबद्ध हैं।
एनडीए में शामिल होने पर दिनाकरन ने अतीत के मतभेदों को स्वीकार किया, लेकिन कहा कि राज्य हित में इन्हें दरकिनार किया गया। जयललिता की विरासत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जनहित सर्वोपरि होना चाहिए।
यह रैली डीएमके सरकार के खिलाफ एनडीए की आक्रामक रणनीति का प्रतीक है। विकास, सुरक्षा और भ्रष्टाचारमुक्त शासन का वादा करते हुए गठबंधन मतदाताओं को लुभाने को तैयार है। तमिलनाडु की सियासत अब रोमांचक मोड़ ले चुकी है।