
कराची। पाकिस्तान के व्यस्त शहर कराची में गुल प्लाजा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में 17 जनवरी को लगी भयानक आग ने 67 लोगों की जान ले ली है, जबकि 77 लोग अभी भी लापता हैं। बचाव कार्य सातवें दिन भी जारी हैं, लेकिन घटना स्थानीय लोगों में गुस्से की लहर पैदा कर चुकी है।
सिंध प्रांत के गवर्नर कामरान टेसोरी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट और सिंध हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से इस हादसे की न्यायिक जांच शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘जिम्मेदारों की पहचान हो और उन्हें तुरंत सजा मिले। प्रशासन को इसकी जिम्मेदारी से बरी नहीं किया जा सकता।’
जांचकर्ताओं के अनुसार, आग आर्टिफिशियल फूलों की दुकान में लगी, जहां बच्चे खेल रहे थे। माचिस या लाइटर से खेलते हुए स्टोर का सामान जल गया, फिर आग बिजली की तारों तक फैल गई। बिजली की खराबी को आग का कारण नहीं माना गया है।
डिस्ट्रिक्ट साउथ के डिप्टी कमिश्नर जावेद नबी खोसो ने पुष्टि की कि मृतकों की संख्या 67 हो गई है। गुरुवार को लापता लोगों के परिजनों ने रेस्क्यू ऑपरेशन की सुस्ती पर विरोध प्रदर्शन किया। यह कराची की एक दशक से अधिक समय की सबसे भयावह आग है। परिवारों को न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग तेज हो रही है।