
अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 26 के प्रथम नौ महीनों में अपनी ऊर्जा बिक्री में सालाना आधार पर 37 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की है। क्षमता विस्तार और बेहतरीन परिचालन प्रदर्शन ने इस सफलता का आधार तैयार किया, जो भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
कंपनी की परिचालन क्षमता 48 प्रतिशत बढ़कर 17.2 गीगावाट हो गई। इस दौरान 5.6 गीगावाट ग्रीनफील्ड क्षमता जोड़ी गई, जो देश में नवीन सोलर एवं विंड क्षमता का 14 प्रतिशत है। यह वृद्धि पूरे वित्त वर्ष 25 की क्षमता वृद्धि के 90 प्रतिशत से अधिक है।
आय 25 प्रतिशत चढ़कर 8,508 करोड़ रुपये पहुंची, जबकि ईबीआईटीडीए में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी होकर 7,921 करोड़ रुपये हो गया। ये आंकड़े कंपनी की वित्तीय मजबूती को प्रमाणित करते हैं।
सीईओ आशीष खन्ना ने कहा, “कैलेंडर वर्ष 2026 में हमने 5.6 गीगावाट नवीकरणीय क्षमता जोड़ी, जो भारत की कुल नई सोलर-विंड क्षमता का लगभग 14 प्रतिशत है।” इससे हमारी परिचालन क्षमता 17.2 गीगावाट तक पहुंच गई, जो देश के शीर्ष हरित ऊर्जा प्रदाता के रूप में हमारी पहचान को मजबूत करती है।
खावड़ा की ऐतिहासिक परियोजना, जो दुनिया की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना है, तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। जल्द ही विश्व की सबसे बड़ी एकल-स्थान बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट स्थापित होगी। आंध्र प्रदेश की चित्रावती नदी पर पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट भी समय पर चल रहा है।
नौ महीनों में 27 अरब यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन हुआ, जो अजरबैजान जैसे देश की सालाना जरूरत पूरी कर सकता है। गुजरात के खावड़ा में 30 गीगावाट संयंत्र 538 वर्ग किलोमीटर में फैला है, जो पेरिस से पांच गुना बड़ा क्षेत्र है। यह वैश्विक स्तर पर अति-विशाल नवीकरणीय परियोजनाओं का मानक स्थापित कर रहा है।
भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों के बीच अदाणी ग्रीन की यह प्रगति ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। आने वाले समय में और बड़ी उपलब्धियां अपेक्षित हैं।