
भारत का रोजगार बाजार तेजी से बढ़ने की राह पर है। जॉबइंडिया के द्विवार्षिक सर्वेक्षण के अनुसार, देश के 76 प्रतिशत नियोक्ता 2026 की पहली छमाही तक विभिन्न क्षेत्रों में नई नौकरियां सृजित करने की योजना बना रहे हैं। यह आंकड़े 1,250 से अधिक रोजगार प्रदाताओं के इनपुट पर आधारित हैं।
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र इस दौड़ में सबसे आगे है, जहां 88 प्रतिशत नियोक्ता नई भूमिकाएं जोड़ने को तैयार हैं। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 79 प्रतिशत, बीएफएसआई में 70 प्रतिशत और आईटी क्षेत्र में 76 प्रतिशत नई नौकरियां आने की उम्मीद है। ये आंकड़े आर्थिक सुधार और क्षेत्रीय विविधीकरण की मजबूत तस्वीर पेश करते हैं।
जॉब.कॉम के चीफ बिजनेस ऑफिसर डॉ. पवार गोयल ने कहा, “2026 की शुरुआत में 76 प्रतिशत नियोक्ताओं का ध्यान नई नौकरियों पर केंद्रित रहेगा।” एआई के प्रभाव पर रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि 87 प्रतिशत नियोक्ताओं को लगता है कि इससे नौकरियों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
वहीं, 18 प्रतिशत का मानना है कि एआई नई संभावनाएं पैदा कर रहा है, खासकर आईटी, एनालिटिक्स और मार्केटिंग में। गोयल ने जोर दिया कि एआई इन क्षेत्रों में नई भूमिकाओं का उत्प्रेरक बन रहा है, जो निरंतर कौशल विकास की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
भर्ती के स्तर पर, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग में मध्य-स्तरीय पेशेवरों (4-7 वर्ष अनुभव) की मांग सबसे अधिक होगी, जबकि स्वास्थ्य सेवा में प्रारंभिक स्तर (0-3 वर्ष) के उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलेगी। यह रिपोर्ट नौकरी चाहने वालों के लिए उत्साहजनक संदेश है और कौशल विकास पर जोर देती है।