
भारत ने 2025 की शुरुआत जोरदार तरीके से की है। जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की गतिविधियां तेज रफ्तार पकड़ चुकी हैं। एचएसबीसी फ्लैश पीएमआई डेटा के अनुसार, कंपोजिट इंडेक्स दिसंबर के 57.8 से बढ़कर 59.5 पर पहुंच गया है।
एसएंडपी ग्लोबल द्वारा तैयार इस रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों सेक्टरों के लिए व्यापारिक माहौल बेहतर हुआ है। महंगाई में तेजी के बावजूद इनपुट लागत और आउटपुट मूल्यों पर दबाव मध्यम स्तर का रहा।
एचएसबीसी की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा, ‘पीएमआई संकेत बता रहे हैं कि मैन्युफैक्चरिंग व सर्विसेज में विकास की गति बढ़ी है।’ हालांकि मैन्युफैक्चरिंग का आंकड़ा 2025 के औसत से नीचे है।
नए ऑर्डरों में साल के अंत में थोड़ी कमी के बाद जबरदस्त उछाल आया। वस्तु उत्पादकों पर लागत दबाव ज्यादा रहा, लेकिन बढ़ती मांग और आक्रामक मार्केटिंग से बिक्री में इजाफा हुआ। मैन्युफैक्चरिंग ने सर्विसेज से तेज रिकवरी दिखाई।
अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर चार महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचे, जिसमें एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, लैटिन अमेरिका व मिडिल ईस्ट प्रमुख बाजार रहे। दिसंबर में रुकने के बाद निजी क्षेत्र में भर्तियां फिर शुरू हुईं।
कंपनियां अगले 12 महीनों के लिए सकारात्मक नजरिया रखे हुए हैं। यह डेटा भारत की आर्थिक मजबूती को रेखांकित करता है, जो वैश्विक चुनौतियों के बीच उम्मीद जगाता है।