
गणतंत्र दिवस के आयोजन से ठीक पहले पूरे देश में सुरक्षा का ग्राफ चरम पर पहुंच गया है। संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन, पैरा ग्लाइडर और अन्य हवाई साधनों से संभावित खतरे को भांपते हुए केंद्रीय एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। पंजाब, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
हाल के दिनों में इन इलाकों से ड्रोन द्वारा हथियार, विस्फोटक और ड्रग्स की तस्करी के कई मामले पकड़े गए हैं। आशंका है कि आतंकी समूह इनका इस्तेमाल घुसपैठ या हमलों के लिए कर सकते हैं। लश्कर-ए-तैयबा और सिख उग्रवादी संगठनों द्वारा ग्लाइडर उपकरण खरीदने की खुफिया जानकारी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।
इसके जवाब में एंटी-ड्रोन सिस्टम, रडार नेटवर्क को सक्रिय किया गया है। सीमा पर रात्रि गश्त और जांच अभियान तेज हो गए हैं। दिल्ली में भी सिख फॉर जस्टिस के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ भड़काऊ बयानों पर एफआईआर दर्ज हुई है।
देशभर की सुरक्षा ताकतें समन्वित रूप से कार्यरत हैं ताकि 26 जनवरी का पर्व शांति और उत्साह के साथ मनाया जा सके। यह अलर्ट राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा का प्रतीक है।
