
नोएडा। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की दर्दनाक मौत के मामले ने प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। इसी सिलसिले में नोएडा अथॉरिटी कार्यालय में देर रात उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। एसआईटी प्रमुख एडीजी भानु भास्कर की अगुवाई में मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता अजय वर्मा शामिल हुए।
बैठक में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, डीएम मेधा रूपम, एसीईओ कृष्ण करुणेश व सतीश पाल से घटनाक्रम पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा गया। एसआईटी ने साफ लहजे में कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी विभागों को शुक्रवार तक सभी तथ्यों पर लिखित उत्तर देने के निर्देश दिए गए हैं।
शुक्रवार को एसआईटी दोबारा नोएडा पहुंचकर इन जवाबों की गहन पड़ताल करेगी। जांच टीम ने सात महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्टीकरण तलब किया है। अधिकारी 60 पन्नों से अधिक की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। जिला प्रशासन की आपदा प्रबंधन रिपोर्ट भी सौंपी जाएगी।
खास सवाल उठे हैं कंट्रोल रूम, फील्ड स्टाफ व विभागों के बीच तालमेल, सूचना मिलने के बाद प्रतिक्रिया का समय, बचाव प्रयास, राहत कार्यों में चूक, स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट आवंटन, सड़क-सुरक्षा-पानी-सीवर सुविधाओं की समयसीमा पर। पहले ट्रक हादसे के बाद उठाए गए कदमों पर भी फोकस है।
रिपोर्ट 24 जनवरी को शासन को सौंपी जाएगी। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत हैं। प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है, राज्य सरकार की पैनी नजर बनी हुई है।