
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक ऐसी चोरी की वारदात ने सबको चौंका दिया है। रशियन हॉस्टल के पास नहर पर बना 60 फीट लंबा और 30 टन वजनी लोहे का पुल रातोंरात गायब हो गया। 40 साल पुराना यह पुल स्थानीय लोगों की आवाजाही का मुख्य साधन था। 17 जनवरी 2026 की रात शातिर चोरों ने गैस कटर, ऑक्सीजन और एलपीजी सिलेंडर के साथ आकर पूरे पुल को टुकड़ों में काटा और वाहनों में लादकर भाग निकले।
सुबह जब लोगों ने पुल न देखा तो इलाके में सनसनी फैल गई। एसपी सिद्धार्थ तिवारी के आदेश पर विशेष टीम और साइबर सेल ने जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों की मदद से 15 आरोपियों की पहचान हुई, जिनमें से 5 को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए हैं लोचन केवट (20), जयसिंह राजपूत (23), मोती प्रजापति (27), सुमित साहू (19) और केशवपुरी गोस्वामी उर्फ पिच्चर (22)।
आरोपियों के इशारे पर 5 टन कटा लोहा, टाटा एस वाहन, स्प्लेंडर बाइक, गैस कटर, सिलेंडर, मोबाइल और 6 हजार रुपये बरामद हुए। सिविल लाइन रामपुर थाने में बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज। बाकी 10 फरारों की तलाश तेज।
यह घटना सार्वजनिक संपत्ति की चोरी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय निवासी नया पुल बनाने और सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, जबकि पुलिस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है।
