
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर ने उत्तर प्रदेश की आयुष्मान भारत योजना में डिजिटल क्रांति को खुलकर सराहा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत ओडिशा सरकार के सहयोग से आयोजित इस शिविर का उद्देश्य योजना की प्रगति की समीक्षा और राज्यों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान था।
चर्चा का केंद्र रहा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) और डिजिटल मिशन। उत्तर प्रदेश को लाभार्थियों तक जागरूकता पहुंचाने और सेवाओं को सरल बनाने के डिजिटल प्रयासों के लिए विशेष प्रशंसा मिली। स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए) ने अस्पताल खोज, जानकारी और पहुंच की समस्याओं का समाधान डिजिटल उपकरणों से किया।
‘आयुष्मान सारथी’ ऐप से लाभार्थी आसपास के पैनल अस्पताल आसानी से ढूंढ रहे हैं। ‘आयुष एआई चैटबॉट’ ने 15,000 से ज्यादा सवालों के जवाब देकर हेल्पडेस्क का बोझ कम किया। ओपीडी के लिए ‘आयुष्मान संपर्क’ प्लेटफॉर्म ने 600 से अधिक अपॉइंटमेंट बुक किए, जिनमें 42 प्रतिशत 50 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों के हैं।
सामुदायिक जागरूकता के लिए ‘आयुषमैन’ सुपरहीरो कॉमिक्स जैसी रचनात्मक सामग्री ने बच्चों-युवाओं को आकर्षित किया। नतीजा रहा बेहतर अनुभव, कम प्रतीक्षा और योजना का बढ़ता उपयोग। यह शिविर उत्तर प्रदेश के मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरणा स्रोत बनाता है।